भ्रष्टाचार

बिना मानकों के बन गए 30 लाख के शौचालय-मूत्रालय

आईटीआर में हुआ बड़ा खुलासा, धड़ल्ले से हो रहा शौचालय-मूत्रालयों का निर्माण

ऋषिकेश, 07 नवंबर। नगर निगम ऋषिकेश के पास शौचालय और मूत्रालय निर्माण के लिए कोई गाइडलाइन व मानक उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही इसकी कोई सूचना निर्माण विभाग में संरक्षित नहीं है। इसके बावजूद करीब 30 लाख के शौचालय-मूत्रालयों का निर्माण होना निगम की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। दरअसल यह खुलासा सूचना के अधिकार अधिनियम की एक रिपोर्ट में हुआ है। इसमें निगम के कई अन्य आश्चर्यजनक जवाब भी देखने को मिले हैं।
बता दें कि त्रिवेणी घाट व्यापारी अमित कुमार जाटव की ओर से मांगे गए सूचना अधिकार में नगर निगम के कई खुलासे सामने आए हैं। सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय में निर्माण के मानक, उसकी प्रमाणित प्रतिलिपि, एनजीटी गाइडलाईन की प्रतिलिपि, मूत्रालयों की सूूचना जिनके सामने दीवार नहीं है आदि की जानकारी नगर निगम के पास उपलब्ध नहीं है। यहीं नहीं लापरवाही का आलम यह है कि मूत्रालयों की सूची के बदले हाइकोर्ट के आर्डर की प्रतिलिपि सूचना के अधिकार की रिपोर्ट में संलग्न कर दे दी गई। जानकारी न मिलने से आईटीआर कार्यकर्ता ने अब निगम के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का फैसला ले लिया है।


👉बयान
निगम के पास शौचालय-मूत्रालय निर्माण के लिए कोई गाइडलाइन व मानक उपलब्ध नहीं हैं। लोगों की सुविधा के लिए साल भर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 30 लाख रुपये से शौचालय-मु़त्रालय निर्माण के निर्माण किए गये हैं। यूटिलिटी, भीड़ भाड़ आदि के हिसाब से इनका निर्माण किया जाता है।
👉आनंद मिश्रवाण, सहायक अभियंता नगर निगम

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