पर्यटन

करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण

ओली को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने का प्रयास: महाराज

👉मंत्री की अधिकारियों को चेतावनी जनता के फोन जरूर उठायें 

जोशीमठ, 29 नवंबर। राज्य के पर्यटन सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आज जनपद चमोली में सिंचाई एवं पर्यटन विभाग की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
पर्यटन एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने आज जोशीमठ स्थित पर्यटक आवास गृह के परिसर में एक समारोह के दौरान जनपद की विभिन्न पर्यटन एवं सिंचाई योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करने के साथ ही जनपद के भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर समस्याओं को सुना और उनके निराकरण का आश्वासन भी दिया। सिंचाई एवं पर्यटन की विभिन्न विकास योजनाओं के लोकार्पण समारोह में बोलते हुए पर्यटन एवं सिंचाई मंत्रि सतपाल महाराज ने कहा कि अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ तालमेल बना कर जनता की समस्याओं का निराकरण करने में तत्परता दिखानी चाहिए। उन्होने कहा कि जनता के लम्बे संघर्ष के बाद राज्य बना है। इसलिए अधिकारियों यह समझना चाहिए कि उनकी जनता के प्रति अधिक जवाबदेही है। इसलिए उन्हें जनता के साथ संवाद कायम करते हुए उनके फोन अवश्य उठाने चाहिएं। श्री महाराज ने कहा कि पर्यटन विभाग मुख्यमंत्री की 13 जनपदों में 13 डेस्टीनेशन बनाने की योजना को साकार करने की दिशा आगे बढ़ रहा है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है ओली बर्ड क्लास पर्यटन स्थल के रूप विकसित हो। उन्होने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपना एक विशिष्ट स्थान बनाये। सतपाल महाराज ने चमोली जनपद को करोड़ों रुपए की योजनाओं की सौगात देते हुए ओली में एक करोड़ अड़तीस लाख उन्नासी हजार की लागत से बने ओपन एयर आइस स्केटिंग रिंक योजना का लोकार्पण करने के साथ-साथ बदरीनाथ धाम में 48 लाख 68 हजार रुपए की लागत से निर्मित होने वाली कुकिंग गैस एजेंसी के निर्माण भी शिलान्यास किया। सतपाल महाराज ने केंद्रीय वित्त पोषित योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 34 लाख 32 हजार की लागत से बनी देवलीबगड़ विकास योजना का लोकार्पण करने के साथ-साथ सिमली में 13 लाख 13 हजार की लागत से बाबा मोहन उत्तराखंडी की याद में बने स्मृति द्वार का लोकार्पण भी किया। इस मौके पर बदरीनाथ विधायक महेन्द्र प्रसाद भट्ट सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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