महाराष्ट्र

कोरोना-योद्धा हैं सच्चे सामाजिक आदर्श : कोश्यारी

 

मुंबई, 01 दिसम्बर। ‘संकट के जिस भीषण दौर में मानवता को वाकई मदद की दरकार हुआ करती है, कोरोना-काल में तब अनेक सामर्थ्यवान, जिनसे उम्मीद थी, वे तो महज अपनी जान बचाए घर में दुबके रहे, पर जिन कर्मवीरों ने इस अहम कार्य को अपना सामाजिक दायित्व समझा और बखूबी निभाया, वे कोरोना-योद्धा सच्चे सामाजिक आदर्श हैं ‘, ये उद्गार महाराष्ट्र के राज्यपाल महामहीम भगतसिंह कोश्यारी के हैं। वे इंटरनेशनल मारवाड़ी फेडरेशन (आईएमएफ) व्दारा राजभवन के मलाबार हिल्स बैंकेट हॉल में आयोजित कोरोना योद्धाओं के सम्मान समारोह में बतौर प्रमुख अतिथि बोल रहे थे।

फेडरेशन की अध्यक्ष श्रीमती सुमन आर अग्रवाल के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध कवि एवं टीवी सीरियल ‘ तारक मेहता का उल्टा चश्मा ‘ फेम अभिनेता शैलेश लोढ़ा विशेष अतिथि थे। कार्यक्रम में कोरोनाकाल के दौरान तन-मन-धन से जनसेवा करने वाले कोरोना योद्धाओं को राज्यपाल के करकमलों व्दारा प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित किए गए कोरोना योद्धाओं में परमार्थ सेवा समिति के चेयरमैन-उद्योगपति लक्ष्मीनारायण बियानी, महाराष्ट्र पुलिस के महानिरीक्षक एवं जाने-माने गजलकार कैसर खालिद, डॉ. बी. एल. चित्लांगिया, फिल्म अभिनेता दीपक तिजोरी, धर्मराज फाउंडेशन के नीलेश चौधरी, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय उपमहामंत्री डॉ. राजेंद्र अग्रवाल, रमेश गोयंका आदि का समावेश था।

इस अवसर पर महामहीम राज्यपाल ने समूची दुनिया में सारी व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करके रख देने वाली वैश्विक महामारी कोरोना से उभरे बदतर हालात ने स्थितियां सामान्य बनाने के लिए प्रयासरत व लोगों को खानपान से लेकर दैनिक उपयोग की तमाम वस्तुओं की आपूर्ति व उपचार की व्यवस्था में जुटे सरकारी-प्रशासनिक तंत्र का कंधे से कंधा मिला कर सहयोग प्रदान करने वाले इंटरनेशनल मारवाड़ी फेडरेशन के कार्यों की जमकर सराहना की।

गौरतलब है कि वर्ष 1988 से कार्यरत यह धर्मादाय संस्था जनहित के उद्देश्य को लेकर पूरी दुनिया में रचनात्मक काम कर रही है। पिछले करीब 20 वर्षों से सामाजिक क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय सुप्रसिद्ध वूमंस राइट्स एक्टिविस्ट श्रीमती सुमन आर अग्रवाल के नेतृत्व में यह संस्था लोगों में सामाजिक विषमता मिटाने, वैचारिकता-भाईचारगी व सहयोग की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनार्थ महज मुंबई-ठाणे समेत महाराष्ट्र व भारत के कोने-कोने में ही नहीं, बल्कि विश्व भर में चैरिटेबल, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, चिकित्सा संबंधी, आध्यात्मिक आदि मूलभूत विषयों पर पूरे जोशोखरोश से विविध कार्य करने में जुटी है।

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