स्वास्थ्य

*हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में पैट-स्कैन की सुविधा शुरू*

पहले दो दिनों में ही 16 रोगियों ने कराई पैट-सीटी जांच*

 

*👉👍-रोगियों को पैट-स्कैन जांच के लिए नहीं जाना होगा उत्तराखंड से बाहर*

*-हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में उत्तराखंड का पहला व एकमात्र पेट-स्कैन*

डोईवाला, 07 दिसंबर। हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट के कैंसर विंग में पैट-स्कैन की सविधा शुरू हो गई है। पहले दो दिनों में ही 16 रोगियों ने पैट-सीटी स्कैन जांच करवाई। इसके साथ ही हिमालयन अस्पताल उत्तराखंड का पैट-सीटी स्कैन सुविधा देने वाला पहला व एकमात्र अस्पताल बन गया है।
कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने बताया कि बीती 19 नवंबर को हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के कैंसर रिसर्च इंस्टिट्यूट (सीआरआई) में पैट-सीटी स्कैन का औपचारिक उद्घाटन किया गया था। बीती पांच दिसंबर (शनिवार) से इस जांच सुविधा का फायदा रोगियों को मिलने लगा है। बीते दो दिनों में ही करीब 16 रोगी पैट-सीटी स्कैन की जांच करवा चुके हैं।

*👉देश के चुनिंदा अस्पतालों में ही पैट-स्कैन की सुविधा*
कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि देश के चुनिंदा अस्पतालों में ही पैट-स्कैन की स्वास्थ्य सुविधा मौजूद है। अब तक रोगियों को पैट-स्कैन के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे महानगरों की ओर जाना पड़ता था। कोरोना काल में भी मरीजों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधा देने को हिमालयन संस्थान प्रतिबद्ध हैं।

*👉पैट-सीटी स्कैन के लिए 110 रोगियों का पंजीकरण*
कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि इससे पहले पैट-सीटी स्कैन के लिए रोगियों को राज्य से बाहर जाना पड़ता था। रोगियों के लिए पैट-सीटी स्कैन की जरुरत को इस बात से ही समझ सकते हैं कि औपचारिक उद्घाटन के बाद ही अब तक करीब 110 रोगी इस जांच के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
*👉रोगियों को मिलेगी यह सुविधाएं*
-रोगियों को पेट-स्कैन जांच के लिए उत्तराखंड से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
-उत्तराखंड व अन्य राज्यों से आने वाले रोगियों को भी मिलेगा स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा।
-रोगियों का समय पर पैट-स्कैन हो सकेगा।
-समय पर पेट-स्कैन होने के बाद उपचार भी जल्द शुरू हो जाएगा।
-जौलीग्रांट में ही पैट-स्कैन होने से मरीजों को बाहर नहीं जाना होगा, इससे लागत भी कम हो जाएगी।
*👉कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हैं हिमालयन अस्पताल के नाम*
कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने बताया कि हिमालयन अस्पताल के नाम कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हैं। भारत में करीब 650 मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल हैं। इनमें से हिमालयन देश का एकमात्र टीचिंग हॉस्पिटल है जिसे आयुष्मान गोल्ड सर्टिफाइड होने का दर्जा हासिल हुआ है।
इसके अलावा हिमालयन हॉस्पिटल व कैंसर रिसर्च इंस्टिट्यूट को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) सर्टिफिकेट मिला है। उत्तराखंड में सरकारी या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की श्रेणी में एनएबीएच सर्टिफाइड होने का गौरव एकमात्र हिमालयन हॉस्पिटल को ही मिला है। यह सर्टिफिकेट मरीजों के गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए दिया जाता है।

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