
बेकाबू नंदी को बेहोश कर किया उपचार, क्रेन से उठाकर पहुंचाया रेंतोली गौशाला
रुद्रप्रयाग। जवाड़ी बाईपास के काला पहाड़ बैंड पर सोमवार सुबह अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हुआ नंदी दर्द से बेकाबू हो गया। टूटे सींग और घायल पैरों के साथ वह सड़क पर दौड़ता रहा और गुजर रहे वाहनों से टकराता रहा। नंदी की इस हालत से बाईपास पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही गौ रक्षा विभाग और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नंदी को सुरक्षित बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
बताया गया कि लोनिवि कार्यालय के समीप काला पहाड़ बैंड पर अज्ञात वाहन ने नंदी को टक्कर मार दी। हादसे में उसका एक सींग टूट गया, जबकि पैरों और कमर में भी चोटें आईं। घायल होने के बाद दर्द और भय के कारण नंदी बेकाबू हो गया और सड़क पर इधर-उधर भागते हुए वाहनों से टकराने लगा। इससे उसके और सड़क पर गुजर रहे लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो गया।
सूचना पर गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी पशुपालन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बेकाबू नंदी को नियंत्रित करना आसान नहीं था। स्थिति को देखते हुए पशुपालन विभाग की मदद से उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया। नंदी के शांत होने के बाद उसके घावों का प्राथमिक उपचार किया गया।
इसके बाद घायल नंदी को रेंतोली गौशाला पहुंचाने की चुनौती सामने आई। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों और स्थानीय युवाओं ने नंदी को उठाकर वाहन तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन भारी वजन और चोटों के कारण सफलता नहीं मिली। आखिरकार क्रेन मंगाई गई और काफी मशक्कत के बाद घायल नंदी को सुरक्षित रेंतोली गौशाला पहुंचाया गया। अब गौशाला में पशुपालन विभाग की टीम उसकी नियमित निगरानी करते हुए उपचार करेगी।
गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी ने कहा कि राजमार्ग और लिंक मार्गों से लगे क्षेत्रों में गौवंश को बेसहारा छोड़ने की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उपयोग के बाद गौवंश को सड़कों पर छोड़ दिए जाने से वे वाहनों की चपेट में आकर घायल हो रहे हैं। इससे पशुओं की जान पर तो खतरा रहता ही है, साथ ही सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। उन्होंने लोगों से गौवंश को सड़कों पर बेसहारा न छोड़ने और घायल पशु दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग अथवा गौ रक्षा टीम को सूचना देने की अपील की। रेस्क्यू अभियान में गौ रक्षा विभाग के अंकित राणा, दुर्गेश चमोली, पशुपालन विभाग के दुर्गा प्रसाद देवशाल, नगर पालिका के कर्मचारी और स्थानीय युवा शामिल रहे।




