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उत्तराखंड पंचायतों के खाली पदों पर उपचुनाव का ऐलान, 12 अक्टूबर को होगी वोटिंग

देहरादून। उत्तराखंड में पंचायतों के खाली पदों को भरने के लिए उपचुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत और सदस्य क्षेत्र पंचायत के कुल 3,922 पदों पर चुनाव कराया जाएगा। इन पदों के लिए 12 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना और परिणाणों की घोषणा 14 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हरिद्वार जिला छोड़ बाकी प्रदेश के 12 जिलों साल 2025 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुआ था। जिसके बाद से ही अलग-अलग कारणों से लंबे समय से पंचायतों के तमाम पद खाली चल रहे हैं। जिनमें ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद शामिल हैं। आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सदस्य के 3,890 पद, ग्राम प्रधान के 23 पद और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 9 पदों पर उपचुनाव होना है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 26 सितंबर से शुरू हो गई है। ऐसे में उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर संबंधित निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्र दाखिल करने का समय, 30 सितम्बर एवं 1 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है। 3 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 4 अक्टूबर की नाम वापसी की अंतिम तिथि रखी गई है। 5 अक्टूबर को चुनाव चिन्हित आवंटन किया जाएगा। इसके साथ ही 12 अक्टूबर को मतदान होगा और 14 अक्टूबर को मतगणना के साथ ही परिणाम घोषित किए जाएंगे।
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। हरिद्वार जिले को छोड़कर राज्य के अन्य 12 जिलों में पंचायत चुनाव कराए गए थे। चुनाव के बाद खाली रह गए पदों और बाद में खाली हुए पदों को भरने के लिए अब उपचुनाव कराया जा रहा है। उपचुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद जिला स्तर पर निर्वाचन तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, कार्मिकों की तैनाती, मतपत्रों की तैयारी और सुरक्षा प्रबंधों को लेकर संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी जाएगी।

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