
नई टिहरी: जनपद टिहरी गढ़वाल में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण एवं प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य IRAD (Integrated Road Accident Database) पोर्टल के माध्यम से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना रहा।
प्रशिक्षण सत्र के मुख्य बिंदु:
डिजिटल डेटा प्रबंधन:
डिजिटल रिसोर्स मैनेजर (DRM) रविंद्र सिंह चौहान द्वारा टिहरी क्षेत्र एवं आसपास होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के डेटा को ऑनलाइन IRAD पोर्टल पर अपलोड करने हेतु संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल में पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग (PWD) एवं परिवहन विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करते हैं। इसके माध्यम से—
सड़क की जांच रोड एजेंसी द्वारा, वाहन की जांच परिवहन विभाग द्वारा, पीड़ित का पोस्टमार्टम, ड्रंक ड्राइव रिपोर्ट एवं डिस्चार्ज रिपोर्ट अस्पताल द्वारा, संबंधित विभागों को पोर्टल के माध्यम से तत्काल सूचना उपलब्ध कराई जा सकती है।
सटीक विश्लेषण एवं रिपोर्टिंग:
बैठक में दुर्घटनास्थल के विवरण, दुर्घटना के कारणों का गहन विश्लेषण, रिपोर्टिंग की सही प्रक्रिया तथा कैशलेस उपचार व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई।
ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन:
रविंद्र सिंह ने बताया कि सटीक डेटा प्रविष्टि से जनपद टिहरी के संभावित ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की पहचान की जा सकेगी, जिससे भविष्य में वहां प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकेंगे।
प्रभावी रोकथाम रणनीति:
इस पोर्टल से प्राप्त जानकारी का उपयोग सड़क सुरक्षा की रणनीतियां तैयार करने एवं दुर्घटनाओं की दर को कम करने हेतु किया जाएगा।
इस अवसर पर एसएसपी टिहरी गढ़वाल आयुष अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे डेटा प्रविष्टि में पूर्ण सटीकता एवं तत्परता बरतें। उन्होंने कहा कि टिहरी जैसे पहाड़ी एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में तकनीक का सही उपयोग ही सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह, क्षेत्राधिकारी चंबा महेश लखेड़ा, क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर सुरेन्द्र सिंह भंडारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजीव कुमार सहित जनपद मुख्यालय के समस्त थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।







