
देहरादून। जल जीवन मिशन के तहत धरातल पर उतारी जा रही ‘हर घर नल-हर घर जल’ योजना उत्तराखंड में अपने आखिरी चरण में अटकी हुई थी। केंद्र से बजट न जारी होने के चलते योजना अपने लक्ष्य से पिछड़ती रही। योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले ठेकेदारों की देनदारी भी सरकार पर बनी हुई थी। यही वजह है कि प्रदेश में कई जगहों पर योजना का कम्प्लिशन सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा था।
इस योजना के तहत केंद्र ने अभी 3 हजार करोड़ से ज्यादा पैसा उत्तराखंड को अभी देना बाकी है। जबकि, उत्तराखंड अपने हिस्से से ज्यादा पेमेंट इस उम्मीद में कर चुका है कि केंद्र पैसा देगा। इस संबंध में कुछ दिनों पहले सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने भी केंद्र में इस बात को उठाया था। वहीं, रविवार को आए केंद्रीय बजट में जल जीवन मिशन के लिए 67,670 करोड़ का बजट जारी किया गया है, जिस पर सीएम पुष्कर धामी ने केंद्र का आभार जताया है।
केंद्र सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत 67,670 करोड़ रुपए का बजट जारी करने और योजना की समय सीमा बढ़ाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड में हर घर नल हर घर जल योजना पूरी होगी। निश्चित तौर पर जल जीवन मिशन में जारी हुए बजट से उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाली ठेकेदारों की पेमेंट हो पाएगी।
सीएम धामी ने कहा कि ठेकेदार लंबे समय से अपनी पेमेंट को लेकर उनसे मिल रहे थे। इस योजना के तहत राज्य और केंद्र की हिस्सेदारी 10ः90 की है, लेकिन राज्य सरकार अपने हिस्से से करीब 650 करोड़ एक्स्ट्रा दे चुकी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य ने केंद्र को भी कई बार रिमाइंडर भेजा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब आम बजट 2026 में केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए बजट का प्रावधान किया है। समय सीमा भी बढ़ाई है, जिससे प्रदेश में जल्दी से जल्दी इस योजना के सारे काम पूरे हो जाएंगे। यह राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और राज्य की खर्च की गई धनराशि भी राज्य को मिल पाएगी।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री धामी के इस बयान का उत्तराखंड कांट्रेक्टर संघ ने स्वागत किया है। देवभूमि कांट्रेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि वो मुख्यमंत्री का धन्यवाद अदा करते हैं कि उन्होंने कम से कम ठेकेदारों की पीड़ा को समझा। उन्होंने अपनी जेब से गाढ़ी पूंजी लगाकर जल जीवन मिशन को धरातल पर उतारने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि उनके संगठन के लगातार प्रयासों के बाद सीएम धामी की ओर से केंद्र में की गई पैरवी से यदि धन आ जाता है तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि यदि समय से पैसा आ जाता है तो उत्तराखंड एक ऐसा राज्य होगा, जो केंद्र की मोदी से सरकार के हर घर जल और हर घर नल की योजना को पूरा करने वाला पहला राज्य होगा। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि केंद्र से ये जो बजट जारी हुआ है, वो कितना कारगर होगा, ये देखने वाली बात होगी। देवभूमि कांट्रेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय बजट में जारी किया गया 67,670 करोड़ का बजट पूरे देश के लिए है। इसमें कितना समय राज्य को पैसा लाने में लगेगा, कुछ स्पष्ठ नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी इस योजना का जो बजट जारी हुआ था, उसका धन का आवंटन होने की वजह से उत्तराखंड राज्य इस योजना को धरातल में उतारने में समस्याएं पैदा हुई।
जल जीवन मिशन योजना के बजट में हाइलाइट्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा की थी।
उत्तराखंड में इस योजना के अंतर्गत 16,555 प्रोजेक्ट के लिए 9,426.05 रुपये करोड़ की योजना की घोषणा की गई थी।
केंद्र सरकार इस योजना को 90ः10 के अनुपात में धरातल पर उतर जाना था।
इस योजना के लिए केंद्र को 8,483.44 करोड़ और राज्य सरकार सरकार को 942.60 करोड़ खर्च करना था।
अब तक 15,459 प्रोजेक्ट पर काम हुआ है तो वहीं 1,096 पर काम होना बाकी है।
उत्तराखंड में इस योजना को पूरा करने लक्ष्य जून 2026 तक रखा गया था।
योजना के तहत अब तक कुल 6,634.05 करोड़ रुपए के काम किए जा चुके हैं।
इसमें प्रदेश सरकार ने 1,260.68 करोड़ रुपये और केंद्र ने 5193.75 करोड़ रुपए दिए हैं।
उत्तराखंड सरकार, केंद्र के पैसे की उम्मीद में अपनी तरफ से 683.59 करोड़ अतिरिक्त खर्च कर चुकी है।
भारत सरकार से अभी 3,289.69 करोड़ रुपये आना बाकी है।
इस योजना से अब तक 9,507 यानी कुल लक्ष्य के 63.47 फीसदी गांवों को जोड़ा जा चुका है।







