
बोले- कोई भी ठोस सबूत लाए और सरकार जांच को तैयार
देहरादून। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सरकार और बीजेपी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस मामले में कांग्रेस ही नहीं बल्कि, अब प्रदेश से लेकर दिल्ली तक के सामाजिक संगठन और आम लोग भी लगातार सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। मामले को बढ़ता देख अब सरकार की तरफ से कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पक्ष रखा है।
बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने अंकिता हत्याकांड में कोर्ट के फैसले पर कुछ बिंदुओं पर फोकस करते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले में साफ लिखा गया है कि किसी भी रसूखदार को बचाने का प्रयास नहीं किया गया है। जिस रिकॉर्डिंग से यह पूरा मामला सामने आया है, उसी रिकॉर्डिंग में अंकिता भंडारी की आत्महत्या की बात कही गई है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि श्जिन कॉल रिकॉर्डिंग को आधार बनाकर इस मुद्दे को उठाया जा रहा है, उस कॉल रिकॉर्डिंग में दो बातें सामने आ रही हैं। उसमें अंकिता भंडारी की आत्महत्या की बात भी आई तो उसी रिकॉर्डिंग में हत्या की बात कही जा रही है। जबकि, एक तरफ कोर्ट ने उसे हत्या माना है और आरोपियों को सजा दी है। दूसरी तरफ कुछ लोग अंकिता की हत्या से ही इनकार कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस मामले में कोई वैलिड सबूत लेकर सामने तो आए, सरकार किसी भी तरह की जांच से मना नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की ओर से इस मामले को दोबारा उठाया गया है, उनसे सरकार और पुलिस लगातार अपील कर रही है कि वो वैलिड सबूत को लेकर पुलिस के पास आएं। पुलिस उसकी जांच कराएगी।
इस सवाल के जवाब में सुबोध उनियाल का कहना है कि मामले में तथ्यों की प्रमाणिकता को देखना होगा, उसके बाद किसी फैसले पर जाया जा सकता है। जब हाईकोर्ट ने एसआईटी जांच को सही माना है और मामले में किसी को बचाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। कुछ लोग हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट भी गए। सरकार साफतौर पर कह रही है कि कोई भी ठोस सबूत लाएं, सरकार हर जांच को तैयार है।
उन्होंने कांग्रेस पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले पर राजनीति कर रही है और जिस तरह से पूरे प्रदेश की संवेदनाएं अंकिता भंडारी के साथ हैं, निश्चित तौर से भारतीय जनता पार्टी का हर एक व्यक्ति अपनी उस बेटी के लिए न्याय चाहता है, लेकिन इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। इसके अलावा कथित कॉल रिकॉर्डिंग मामले में भी कहा कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वो सामने आएं और सबूत पे




