उत्तराखंडकानून

कुल्हाल गेट पर बैरिकेडिंग तोड़ने वाले निहंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हत्या के प्रयास और लोक सेवक पर हमला समेत कई आरोप

देहरादून। गुरुवार रात को चंडीगढ़ से हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए निहंग सिखों के पहले जत्थे ने बैरिकेडिंग के बावजूद कुल्हाल बैरियर तोड़कर उत्तराखंड में जबरन प्रवेश कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात निहंगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में थाना विकासनगर में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का आरोप है कि बड़ी संख्या में निहंग सिखों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने का प्रयास करने, हथियार लहराकर भय फैलाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं हुईं हैं। जानकारी के अनुसार एफआईआर में सोशल मीडिया के माध्यम से 25 जून को अधिक से अधिक पंजाब से निहंगों सिखों से कर्णप्रयाग पहुंचने की अपील की गई थी।
सूचना मिलने के बाद हिमाचल-उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित कुल्हाल गेट बैरियर पर कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, पीएसी और आईटीबीपी की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने निहंग सिखों से शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए छोटे-छोटे समूहों में यात्रा करने की अपील की थी। लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।
वार्ता विफल होने के बाद निहंग सिख बैरिकेडिंग तक पहुंचे और तलवार, कृपाण, फरसे, भाले व अन्य हथियार लहराते हुए बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकल गए। इस दौरान बैरिकेडिंग के आसपास खड़े वाहनों को भी क्षति पहुंचाई गई और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया गया, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
एसपी देहरादून देहात पंकज गैरोला ने बताया कि अज्ञात निहंग सिखों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवक पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आपराधिक बल प्रयोग और लोगों में भय का माहौल बनाने जैसे आरोपों में थाना विकासनगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सनोज कुमार को सौंपी गई है।
हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कुछ निहंग सिखों पर यातायात नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने के आरोपों को लेकर शुक्रवार को श्रीनगर में स्थानीय युवाओं और गढ़वाल विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पूर्व और वर्तमान छात्र नेताओं के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर कोतवाली पहुंचा और पुलिस प्रशासन से मामले में बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की।

गढ़वाल विवि के छात्र बोले- कानून सबके लिए बराबर हो
कोतवाली पहुंचे छात्र नेताओं और स्थानीय युवाओं ने पुलिस प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि स्थानीय युवाओं द्वारा यातायात नियमों का मामूली उल्लंघन होने पर भी तुरंत चालान और सख्त कार्रवाई की जाती है, जबकि बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ लोग खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं और उनके खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून और यातायात नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। यदि कोई व्यक्ति स्थानीय है या बाहरी, नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी समान रूप से होनी चाहिए।

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