उत्तराखंडन्याय

पुलिस के जवानों को 4600 ग्रेड पे देने की मांग

कई राजनीतिक दलों व जनसरोकारों से जुड़े संगठनों ने निकाला मार्च

देहरादून। सोमवार को उत्तराखंड पुलिस के जवानों का ग्रेड पे 4600 किए जाने की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक जन सरोकारों से जुड़े संगठनों ने पुलिस अधिकार मार्च निकाला। इस मार्च में आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल, कांग्रेस, मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति, जन अधिकार मंच, स्वाभिमान मोर्चा समेत सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शिरकत की।
सोमवार सुबह अपने पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार सभी प्रदर्शनकारी परेड ग्राउंड के बाहर सड़क पर एकत्रित हुए।
परेड ग्राउंड से जुलूस की शक्ल में जैसे ही प्रदर्शनकारी पुलिस मुख्यालय की तरफ बढ़े, तभी पुलिस ने विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इससे नाराज कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पर चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक बैरिकेडिंग से नीचे उतार दिया। इस बीच वहां काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस दौरान बैरिकेडिंग पार करने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। आखिर में जिला प्रशासन के अधिकारी बैरिकेडिंग के पास पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया गया।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट संदीप चमोली ने कहा कि 2000 और 2001 में भर्ती हुए पुलिस कांस्टेबल 20 वर्षों से अधिक सेवाओं के बाद भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बावजूद आज तक पुलिस कर्मियों की 4600 ग्रेड पे की मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसलिए अब इस आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि यह मांग जल्द पूरी नहीं होती है तो अगला प्रदर्शन अतिशीघ्र मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र खटीमा में किया जाएगा। इस दौरान राजनीउत्तराखंड पुलिस में सिपाही के भर्ती 2000 ग्रेड पे पर होती हैं। राज्य गठन के बाद उत्तराखंड में पहली बार 2001 में सिपाहियों की भर्ती हुई थी। तब के नियमानुसार आठ, 12 और 22 साल के आधार पर ग्रेड पे की बढ़ोतरी होनी थी। इस तरह आठ साल बाद 2001 बैच के सभी सिपाहियों को 2400 का ग्रेड पे दिया है। इस तरह 2013 में पहले बैच के सिपाहियों को 4600 का ग्रेड पे दिया जाना था, लेकिन 2013 में सरकार ने समय-सीमा में ही बदलाव कर दिया। राजनितिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने पुलिस कर्मियों का ग्रेड पे बढाये जाने की मांग को लेकर ज्ञापन में हस्ताक्षर किए। नए नीति के अनुसार ग्रेड पे में बदलाव 10, 16 और 26 साल की सेवा के बाद मिलना था। इस हिसाब से भी इन सिपाहियों को 2017 में 4600 ग्रेड पे का लाभ मिलना था, लेकिन 2016 में आए सातवें वेतन आयोग से यह फिर बदल गया। सातवें वेतन आयोग से पहले सिपाहियों का ग्रेड पे अगले प्रमोशन के अनुरूप बढ़ना था, लेकिन नए प्रावधानों के हिसाब से प्रमोशन न होने पर अगले ग्रेड पे का भुगतान होना था।

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