
ऋषिकेश, 18 अगस्त। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) उत्तराखंड प्रांत की दो दिवसीय प्रांत कार्यकारिणी बैठक 17 एवं 18 अगस्त को परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में सम्पन्न हुई। बैठक में उत्तराखंड के वर्तमान सामाजिक एवं शैक्षणिक परिदृश्य, विद्यार्थियों से जुड़े विषयों, संगठनात्मक विस्तार तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण, क्षेत्रीय संगठन मंत्री विपिन गुप्ता, प्रांत संगठन मंत्री अंकित सुंद्रीयाल, प्रदेश मंत्री यशवंत पवार एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह-प्रचारक चंद्रशेखर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक के दौरान उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था एवं विद्यार्थियों से जुड़े समसामयिक विषयों पर गंभीर मंथन के पश्चात छात्रहित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रदेश के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान, शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर वातावरण एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस अवसर पर अभाविप उत्तराखंड के मासिक समाचार पत्र, मासिक पत्रिका तथा वार्षिक पत्रिका ‘स्मृति मंजूषा’ का विमोचन भी मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया।
बैठक में आगामी सत्र के लिए संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करते हुए प्रदेश के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी परिषद के कार्य-विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही युवाओं को शिक्षा, संस्कार, सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।
अभाविप के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन विद्यार्थियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के पुनर्निर्माण में उनकी सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
बैठक का समापन विद्यार्थी हितों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक गति देने के आह्वान के साथ हुआ।










