भूस्खलन

केदारनाथ यात्रा पर मौसम का बड़ा कहर, गौरीकुंड, चीरबासा और भैरव मंदिर के पास भारी भूस्खलन,

रुद्रप्रयाग। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर केदारनाथ यात्रा की रफ्तार थाम दी। तड़के करीब 4ः30 बजे गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड, चीरबासा और भैरव मंदिर के आसपास भारी भूस्खलन होने से मार्ग पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा आ गया, जिससे यात्रा अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों पर सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया।
भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया और पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना रहा। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने के साथ मार्ग को सुरक्षित बनाने के कार्य में जुट गईं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भूस्खलन की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दलों को तत्काल मौके पर भेजा गया। सुरक्षा के मद्देनजर करीब 100 से 150 यात्रियों को सोनप्रयाग में रोका गया, जबकि पैदल मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रोककर बाद में मौसम अनुकूल होने पर सुरक्षित निकाला गया।
दोपहर बाद बारिश का असर कम होने और स्थिति का आकलन करने के बाद प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से यात्रियों को सुरक्षित आगे बढ़ाया। हालांकि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और मशीनों की मदद से मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने का कार्य जारी है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए धैर्य बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें तथा सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें।

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