उत्तराखंडहेल्थ बुलेटिन

नवजात का पहला प्राकृतिक टीका है कोलोस्ट्रम डॉ. सनोबर वसीम

विश्व स्तनपान सप्ताहः हिम्स जौलीग्रांट में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

डोईवाला। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से स्तनपान से जुड़े मिथकों को दूर करने, परिवारों को जागरूक बनाने तथा नवजात शिशुओं के स्वस्थ विकास के लिए मां के दूध के महत्व की जानकारी दी गई।

बाल रोग एवं नवजात शिशु विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. आशीष सिमल्टी और डॉ. राकेश कुमार ने माताओं एवं उनके परिजनों को सफल स्तनपान में परिवार, विशेषकर पिता की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग मिलने पर मां आत्मविश्वास के साथ शिशु को स्तनपान करा सकती है, जिससे बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है।
प्रसवपूर्व ओपीडी में आयोजित परामर्श सत्र के दौरान डॉ. अनिल रावत एवं डॉ. ज्योति वालिया ने गर्भवती महिलाओं को स्तनपान के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। वहीं, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सनोबर वसीम ने गर्भवती एवं नवप्रसूता माताओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बताया कि जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला ’’कोलोस्ट्रम’’ नवजात का पहला प्राकृतिक टीका होता है। उन्होंने पहले छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध पिलाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और संक्रमण सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
डॉ. सनोबर ने बताया कि एक से सात अगस्त तक अस्पताल की ओपीडी और विभिन्न वार्डों में भर्ती माताओं एवं उनके परिजनों को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने माताओं की शंकाओं का समाधान कर उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सही जानकारी उपलब्ध कराई।
विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में हिम्स की स्टाफ नर्स प्रिया बिष्ट ने प्रथम, गार्ग हॉस्पिटल, रुड़की की स्टाफ नर्स तरुणा ने द्वितीय तथा हिम्स की स्टाफ नर्स आइरीन जॉन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समापन अवसर पर एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में अनन्या प्रथम, जाह्नवी द्वितीय और हरलीन तृतीय स्थान पर रहीं।

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