उत्तराखंडनेत्रदान

देशसेवा कर रही पुत्री ने किया मां का नेत्रदान का संकल्प

ऋषिकेश। देशभक्ति और सामाजिक दायित्व की भावना से ओत-प्रोत 79 वर्षीय तेलंगाना निवासी श्रीमती वी. ललिता, का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। इस संसार से विदा होते समय भी उन्होंने अपनी पुत्री को अपने नेत्रदान के संकल्प याद दिलाकर मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अमर किया।
नेत्रदान कार्यकर्ता व लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के अध्यक्ष लायन गोपाल नारंग ने बताया कि भारतीय सेना मे कार्यरत कर्नल संगीता ने माता श्रीमती वी. ललिता के निधनोप्रांत उनके नेत्रदान की इच्छा को पूर्ण करने हेतु इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से मोहन फाउंडेशन के संचित अरोड़ा को सूचना प्रदान की। श्री अरोड़ा के आग्रह पर इंद्रेश अस्पताल की डॉ. तन्वी द्वारा पार्थिव शरीर से दोनों कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए गए।उल्लेखनीय है कि कर्नल वी. संगिता, ने अपने पुत्र के देहदान के साथ-साथ स्वयं के अंगदान की प्रतिज्ञा भी पूर्व से ही कर रखी है, जो समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।

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