
देहरादून। उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति और प्रकृति संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में गुरुवार को पूरे उत्साह, उल्लास और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर
प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। एक पौधा
देहरादून। उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति और प्रकृति संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में गुरुवार को पूरे उत्साह, उल्लास और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर
प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। एक पौधा लगाना आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखना है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। समय-समय पर आयोजित होने वाले पौधारोपण अभियान, स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रम इसी सोच का हिस्सा हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया तथा एक-दूसरे को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं।
लगाना आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखना है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। समय-समय पर आयोजित होने वाले पौधारोपण अभियान, स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रम इसी सोच का हिस्सा हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया तथा एक-दूसरे को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दी







