उत्तराखंडप्राधिकरण

कैंपटी फॉल क्षेत्र में टिहरी विकास प्राधिकरण ने दो अवैध निर्माण किये सील

मसूरी। टिहरी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ने कैंपटी क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो भवनों को सील कर दिया है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से क्षेत्र में आक्रोश की स्थिति बन गई। स्थानीय लोग प्राधिकरण की इस कार्यवाही को पक्षपातपूर्ण और भ्रष्टाचार से प्रेरित बता रहे हैं।
प्राधिकरण कार्यालय, धनोल्टी से जारी आदेश के अनुसार, मसूरी-कैंपटी फॉल मार्ग पर एक व्यक्ति पर बिना अनुमति भवन निर्माण करने का आरोप था। उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 (संशोधित 2013) की धारा 27(1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और धारा 28(1) के अंतर्गत निर्माण कार्य रोकने के आदेश भी दिए गए थे।
सुनवाई के बाद निर्माण को अवैध पाए जाने पर धारा 28ए के तहत भवन को सील करने का आदेश पारित किया गया। पूर्व में भी सीलिंग की कार्रवाई तय की गई थी, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल और भीड़ के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। अब पुनः कार्रवाई करते हुए संबंधित भवन को सील कर दिया गया है।
इस कार्यवाही के बाद आसपास के क्षेत्रों में लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।  स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर उत्पीड़न कर रहा है। जबकि क्षेत्र में कई अन्य अवैध निर्माण बिना किसी रोक-टोक के खड़े हैं। इस संबध में एसडीएम धनोल्टी नीलू चावला ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विभाग द्वारा सभी कार्रवाई सरकार की गाइडलाइन और नियमों के तहत की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन भवनों को सील किया गया है, उनकी विधिवत सुनवाई की गई थी और अवैध पाए जाने के बाद ही कार्रवाई की गई। एसडीएम ने कहा कि यदि संबंधित पक्ष द्वारा अवैध निर्माण को स्वयं नहीं हटाया गया, तो भविष्य में ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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