
हरिद्वार। महाराष्ट्र के दिवंगत पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की अस्थियां गुरुवार को हरिद्वार लाई गई। यहां वीआईपी घाट पर विधि विधान से अस्थि विसर्जन किया गया। राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा सहित कई कार्यकर्ता अस्थि कलश लेकर हरिद्वार पहुंचे। तीर्थ पुरोहित सुमित, अभिषेक और सचिन ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अस्थि संस्कार सम्पन्न कराया। अस्थि विसर्जन के दौरान अजित पवार के परिवार का कोई सदस्य उपस्थित नहीं रहा, जबकि राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
धीरज शर्मा ने बताया कि अजित पवार को महाराष्ट्र में स्नेहपूर्वक अजित दादा कहा जाता था। उनका अचानक निधन पूरे देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। अजित दादा का नेतृत्व केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक उनकी विचारधारा को मानने वाले लोग रहते हैं। उन्होंने बताया कि अनेक लोग अजित पवार के अंतिम दर्शन नहीं कर सके। इसलिए परिजनों से आग्रह कर उनकी अस्थियों को देश की प्रमुख पवित्र नदियों में विसर्जित किया जा रहा है।
हरिद्वार में गंगा सहित काशी में गंगा, मध्य प्रदेश में नर्मदा, कश्मीर में चिनाब और महाराष्ट्र में गोदावरी सहित अन्य कई पवित्र नदियों में भी अस्थि विसर्जन कर उनकी आत्मा की शांति के लिए कामना की जाएगी। उन्होंने कहा कि विमान हादसे में उनकी मृत्यु हुई, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि देश सच्चाई जान सके। शर्मा ने यह भी कहा कि अजित पवार का महिलाओं और बेटियों से विशेष लगाव था। उन्होंने लाडली बहन योजना जैसी महत्वपूर्ण पहल शुरू की थी। राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस की मांग है कि इस योजना का नाम उनके नाम पर रखा जाए। तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने कहा कि अजित पवार लोकप्रिय नेता थे, उनका असमय निधन होना, देश के लिए अपूर्णीय क्षति है।
इस अवसर पर पूर्व मेयर मनोज गर्ग, अंकित चौधरी, युवराज सिंह, बृजेश यादव, अमित नाथ, प्रशांत काले, नरेश रावत, गौरव शिंदे और विमल शर्मा समेत कई राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







