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काकड़ागाड़ शराब दुकान में ओवररेटिंग का “बड़ा खेल”,

शिकायतकर्ताओं पर दबाव, आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल,

रुद्रप्रयाग। जनपद के काकड़ागाड़ स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान में ओवररेटिंग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इन शिकायतों के समाधान को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बावजूद न तो ठोस कार्रवाई हो पा रही है और न ही समस्या का समाधान होता दिख रहा है।

आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों को शराब ठेका संचालकों द्वारा फोन कर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। जनपद के घोलतीर-नगरासू, तिलवाड़ा, सिरोबगड़, अगस्त्यमुनि और काकड़ागाड़ क्षेत्रों में संचालित अंग्रेजी शराब की दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतें बार-बार मिल रही हैं। सूत्रों के अनुसार, सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही संबंधित जानकारी दुकानदारों तक पहुंच जाती है, जिसके बाद जांच से पहले ही स्थिति को प्रभावित कर दिया जाता है और कार्रवाई महज औपचारिकता बनकर रह जाती है।
विशेष रूप से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्थित काकड़ागाड़ की शराब दुकान को लेकर सबसे अधिक शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि यात्रा मार्ग का फायदा उठाकर यहां निर्धारित मूल्य से अधिक दरों पर शराब बेची जा रही है। शिकायतकर्ता दीपक और दुर्गा ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें लगातार फोन कर दबाव बनाया जा रहा है। दुर्गा के अनुसार उनसे करीब 70 रुपये अतिरिक्त वसूले गए, जबकि दीपक का कहना है कि उनसे लगभग 100 रुपये ज्यादा लिए गए। दोनों ने इस संबंध में सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि आबकारी विभाग को जहां सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए, वहीं विभाग केवल खानापूर्ति करता नजर आ रहा है। आरोप यह भी है कि जांच से पहले ही दुकानदारों को सूचना देकर मामले को दबाने का प्रयास किया जाता है। 
वहीं, आबकारी अधिकारी रमेश बंगवाल का कहना है कि सीएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समय से निस्तारण किया जा रहा है और जहां-जहां शिकायतें मिल रही हैं, वहां जांच कराई जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर ओवररेटिंग का यह खेल कब तक जारी रहेगा और क्या प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करेगा या नहीं।

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