उत्तराखंडजनगणना

उत्तराखंड में कछुआ चाल से चल रहा मकान सूचीकरण व गणना का कार्य

अभी तक सिर्फ 1.53 फीसदी एचएलबी में गिनती पूरी, 24 को बंद हो जाएगा पोर्टल

जिला और नगर निगम के आधार पर हाउस लिस्टिंग ब्लॉक भी अलग-अलग तैयार किए गए

देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य जारी है, लेकिन यह काम जनगणना कार्य निदेशालय के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में जान लेते हैं कि जनगणना के पहले चरण के तहत चल रहे कार्यों की स्थिति क्या है? किन बड़ी चुनौतियों से जनगणना कार्य निदेशालय को करना पड़ रहा है सामना?
दरअसल, उत्तराखंड में बीती 25 अप्रैल से मकान सूचीकरण एवं मकान के गणना का काम शुरू हुआ है, जो 24 मई 2026 तक चलेगा। इसके लिए जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से राज्य को जिला और नगर निगमवार बांटकर, मकान सूचीकरण एवं मकानों के गणना का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए मैपिंग भी अलग-अलग की गई है। साथ ही जिला और नगर निगम के आधार पर हाउस लिस्टिंग ब्लॉक भी अलग-अलग तैयार किए गए हैं।
इसके पीछे की वजह यही है कि जिलों के जिलाधिकारी को नगर निगम के क्षेत्र को छोड़कर बाकी क्षेत्रों के लिए प्रमुख जनगणना अधिकारी और नगर आयुक्त को नगर निगम क्षेत्र का प्रमुख जनगणना अधिकारी बनाया गया है, लेकिन वर्तमान समय में फील्ड में काम कर रहे प्रगणकों लेकर अलग-अलग तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। जिसमें मुख्य रूप से डिजिटल जनगणना भी एक बड़ी चुनौती बन रही है।
इसके साथ ही जनगणना 2027 में जातिगत जनगणना भी की जाएगी। ये जनगणना कई मामलों से ऐतिहासिक और विशेष रहने वाला है। क्योंकि, पहली बार पूरी जनगणना प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से की जा रही है। यानी डिजिटली जनगणना की जा रही है।
जनगणना का काम पूरी तरह से मोबाइल एप्लिकेशन पर आधारित है। प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल फोन के जरिए आंकड़ों को एकत्र कर रहे हैं। साथ ही जनगणना के संचालन, पर्यवेक्षण और प्रबंधन के लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उत्तराखंड में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों के गणना के काम को शुरू हुए 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति ये है कि प्रदेश भर में बनाए गए 29,641 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (एचएलबी) में से मात्र 453 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में ही गणना का काम पूरा हो पाया है।
जबकि, 16,729 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में मकान सूचीकरण एवं मकानों के गणना का काम जारी है। हैरानी की बात ये है कि 12,459 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स ऐसे हैं, जहां अभी तक काम भी शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में जनगणना कार्य की रफ्तार अगर इसी गति से रही तो 50 फीसदी हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में भी गणना का कार्य पूरा नहीं हो पाएगा।

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