उत्तराखंडपुलिस डायरी

उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव बैंक में लाखों का गबन, महीनों से फरार आरोपी विकासनगर से गिरफ्तार

ऋषिकेश। उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में खाताधारकों से जमा कराने के नाम पर लाखों रुपये लेकर उनका बैंक खाते में जमा न करने के मामले में ऋषिकेश कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में फरार चल रहे आरोपी दीपक बढ़ई को विकासनगर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर खाताधारकों से बैंक में जमा कराने के लिए एकत्र किए गए 12 लाख 31 हजार रुपये का गबन करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार आरोपी दीपक बढ़ई उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में दैनिक जमा अभिकर्ता के रूप में कार्यरत था। उसकी जिम्मेदारी खाताधारकों से दैनिक रूप से धनराशि एकत्र कर उसे बैंक में जमा कराने की थी। आरोप है कि इसी दौरान उसने अलग-अलग तिथियों में कई खाताधारकों से बैंक में जमा करने के लिए कुल 12 लाख 31 हजार रुपये एकत्र किए, लेकिन उक्त धनराशि बैंक खातों में जमा नहीं कराई।इसके बाद मामला सामने आने पर बैंक स्तर से इसकी शिकायत पुलिस से की गई.
कोतवाली ऋषिकेश के वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन जोशी के मुताबिक, बीती 24 मई को उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के सचिव एसएस राणा ने कोतवाली ऋषिकेश में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में दैनिक जमा अभिकर्ता दीपक बढ़ई पर खाताधारकों से बैंक में जमा कराने के लिए धनराशि लेने और उसे बैंक में जमा न कर गबन करने का आरोप लगाया गया था।शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था।
आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी बीच पुलिस को आरोपी के संबंध में मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना के आधार पर त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक बढ़ई को विकासनगर से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से मामले को लेकर पूछताछ की। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए भेज दिया गया।

गबन की रकम की बरामदगी पर पुलिस की नजर
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि खाताधारकों से गबन की गई 12 लाख 31 हजार रुपये की धनराशि कहां और किस तरह खर्च की गई। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर गबन की रकम की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में केवल आरोपी की भूमिका थी या फिर धनराशि के गबन से जुड़े अन्य पहलू भी सामने आते हैं। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!