उत्तराखंडराजनीति

शुद्धिकरण यज्ञ में किसी के अपमान का प्रमाण तो दे कांग्रेसः सीएम

शुद्धिकरण मामलाः समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा कर रही कांग्रेस

देहरादून। हल्द्वानी में आठ अगस्त को कांग्रेस नेता खड़गे की रैली और 10 अगस्त को हुए शुद्धिकरण यज्ञ के मसले ने तेजी पकड़ ली है। इस प्रकरण पर अज्ञात पर मुकदमा दर्ज होने के बाद यज्ञ में शामिल लोगों की पहचान का मुद्दा भी गरम होता जा रहा है।

रैली स्थल रामलीला ग्राउंड में हुए शुद्धिकरण यज्ञ में कांग्रेस व भाजपा के प्रदेश स्तर से लेकर केंद्रीय नेता भी वार-पलटवार में उलझे हैं। प्रदेश के लगभग 18 फीसदी दलित मतदाताओं को देखते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा भाजपा के लिए गर्म दूध के समान हो गया है। इस बीच, बुधवार को सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि हल्द्वानी में किसी को अपमानित करने लिए शुद्धिकरण यज्ञ किया गया। इसके बावजूद इस मामले को तूल देना केवल समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करने का प्रयास है।
राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे संवेदनशील विषयों को हवा देने के बजाय कांग्रेस को तथ्यों के आधार पर बात रखनी चाहिए और समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। सीएम ने कहा कि बनभूलपुरा मामले में न्यायालय का जो भी आदेश होगा, हमारी सरकार उसका पूर्ण सम्मान करते हुए उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करेगी। कानून और न्यायिक प्रक्रिया का पालन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
बहरहाल, शुद्धिकरण यज्ञ में नैनीताल पुलिस की जांच पर भी बहस छिड़ी हुई है। एसएसपी ने कहा कि लगभग 80 शिकायतों की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस यज्ञ करने वाले हिन्दू संगठन के नेता व कार्यकर्ताओं की पहचान कर तथ्यों का खुलासा कर सकती है। धार्मिक नारों से जुड़े खड़गे के कथित वॉयरल वीडियो की फोरेंसिक जॉच से भी नये सुराग मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि आठ अगस्त की रैली के दौरान नेता विपक्ष यशपाल आर्य समेत कई विधायक व नेताओं ने एसएसपी का खुलकर विरोध किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद शुरू हुई जांच की दिशा में मुड़ती है, यह देखना भी दिलचस्प होगा। बहरहाल, सीएम धामी ने फ्रंट फुट पर आकर साफ कह दिया कि कांग्रेस तथ्यों पर बात करे। इस तरह संवेदनशील मुद्दों को हवा न दे।

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