उत्तराखंडहादसा

पिकअप गहरी खाई में गिरी, दो लोगों की मौत, ड्राइवर घायल आठ घंटे रेस्क्यू अभियान चलाकर शवों को खाई से निकाला

वाहन करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिरा

पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में पिकअप वाहन करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। ड्राइवर बाहर छिटक गया, जिससे उसकी जान बच गई। ड्राइवर के चिल्लाने की आवाज सुनकर गश्त कर रहे आईटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) के जवान मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हरिद्वार में डम्फर व बस की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई जबकि 31 तीर्थ यात्री घायल हो गए।

बताया जा रहा है कि हादसा मुनस्यारी-मिलम मोटर मार्ग पर हुआ और करीब 8 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों युवकों के शव बाहर निकाल लिए गए हैं। मुनस्यारी की तरफ आते समय हादसा- रविवार शाम लगभग 5 बजे एक पिकअप वाहन लास्पा गांव से मुनस्यारी की ओर आ रहा था। जब वाहन रड़गाड़ी के पास पहुंचा, तो अचानक बेकाबू होकर गहरी खाई में गिर गया। दुर्घटना स्थल अत्यधिक खतरनाक और खड़ी चट्टानों वाला क्षेत्र है।
चट्टानों से टकराकर नदी किनारे पहुंचा वाहनरू सड़क से गिरने के बाद वाहन चट्टानों से टकराते हुए सीधे गोरी नदी के किनारे तक जा पहुंचा। इस भीषण टक्कर में पिकअप के परखच्चे उड़ गए। वाहन में चालक सहित कुल तीन लोग सवार थे।
वाहन के गिरते ही ड्राइवर जगत मेहता (निवासी तेजम) गाड़ी से बाहर छिटक गया, जिससे उसकी जान बच गई। वाहन में सवार दो अन्य युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान मनेंद्र राम (30, निवासी धारचूला) और प्रकाश (28 मूल निवासी नेपाल) के रूप में हुई है। इनके शव चट्टानों के बीच फंसे हुए थे।
दुर्घटना वाले क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण सूचना मिलने में देरी हुई। शाम करीब 5ः15 बजे सबसे पहले आईटीबीपी को हादसे की जानकारी मिली, जिसके बाद तहसील प्रशासन और पुलिस को सूचित किया गया। खड़ी चट्टानें और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था।
रेस्क्यू के लिए आईटीबीपी, एसडीआरएफ (उप निरीक्षक सुनील चंद के नेतृत्व में) और पुलिस टीम (एसआई नीरज चौहान) ने मोर्चा संभाला। लगभग 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात शवों को खाई से निकालकर सड़क तक लाया गया और एम्बुलेंस के जरिए मुनस्यारी भेजा गया। एस आई नीरज चौहान ने बताया कि दोनों शवों का मुनस्यारी में पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

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