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विश्व पर्यावरण दिवस पर एसआरएचयू में साइकिल रैली और पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित

एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया गया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

डोईवाला। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट में साइकिल रैली, पौधारोपण एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

शुक्रवार को आयोजित साइकिल रैली में विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। रैली का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करेंगे तथा समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे। इस दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों एवं स्कूलों में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। इस अभियान में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ योगा साइंसेज, स्कूल ऑफ बायो साइंसेज, स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज, हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग तथा हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित अन्य गतिविधियों में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने संकल्प लिखे और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इसके अलावा ‘ट्रैश टू ट्रेजर’ गतिविधि के तहत पुरानी एवं अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी सामग्री तैयार कर पुनः उपयोग और अपशिष्ट प्रबंधन का संदेश दिया गया।

एसआरएचयू में नेचर क्लब का शुभारंभ

*डोईवाला।* विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय जॉलीग्रांट में एसआरएचयू नेचर क्लब का शुभारंभ किया गया। क्लब का उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति जागरूकता तथा सतत विकास की भावना को बढ़ावा देना है। डॉ. संजय दास ने बताया कि नेचर क्लब वर्षभर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करेगा, जिनमें वृक्षारोपण एवं बागवानी कार्यक्रम, प्रकृति भ्रमण, बर्ड वॉचिंग, इको-ट्रिप एवं कैंपिंग, वन्यजीव एवं प्रकृति फोटोग्राफी, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण विषयक प्रदर्शनी, विशेषज्ञ व्याख्यान, वाद-विवाद एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी जनजागरूकता गतिविधियां शामिल होंगी।

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